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Leh Ladakh Itinerary | लेह-लद्दाख़ यात्रा कार्यक्रम

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Leh Ladakh Itinerary, Leh Ladakh Travel Guide



लद्दाख़ प्रांत, जम्मू और कश्मीर राज्य मे पड़ता हैं तथा ये एक पहाड़ी क्षेत्र हैं जो कि अपने अनुपम प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए दुनिया भर मे प्रसिद्द हैं l लद्दाख़ प्रांत काफी बड़े क्षेत्र मे फैला हुआ है और यहाँ घुमने के लिए कई खुबसूरत स्थान है l सड़क के द्वारा इस पुरे प्रांत को घूमना अलग ही नायाब अनुभव है l

हमारे द्वारा बाइक पर की गयी लद्दाख़ यात्रा का सम्पूर्ण वृतांत पढने के लिए यहाँ क्लिक करें l

लद्दाख़ पहुँचने के केवल दो ही तरीके है, पहला सड़क मार्ग से और दूसरा वायु मार्ग से l लद्दाख़ प्रांत का सबसे बड़ा शहर है लेह, जहाँ पर हवाई अड्डा भी है l भारत के कई बड़े शहरों से लेह की सीधी फ्लाइट्स है, अगर किसी के पास समय कम है या फिर वो सड़क मार्ग के द्वारा लेह नहीं आना चाहता तो वह वायु मार्ग से सीधा लेह पहुँच सकता है और फिर यहाँ से आगे की अंदरूनी इलाकों की यात्रा कर सकता है जो की सिर्फ सड़क मार्ग के द्वारा ही संभव है l

हालाँकि लेह पहुँचने के लिए वायु मार्ग का उपयोग कर सकते है परन्तु सड़क मार्ग के द्वारा लेह पहुँचना काफी रोमाँचक और खुबसूरत यात्रा है, खासकर मनाली से लेह राजमार्ग द्वारा l मनाली - लेह राजमार्ग साल मे लगभग 6 महीने खुला रहता है और इसी दौरान काफी पर्यटक इस राजमार्ग की विविधता का आनंद उठाते है, खासकर की बाइकर्स l 

अगर आप भी लद्दाख़ घूमना चाहते है तो इसके लिए आपको कुछ तैयारियाँ करनी होगी l इस यात्रा के लिए आपको क्या क्या तैयारियाँ करनी होगी इस विषय पर पहले ही एक पोस्ट लिखी जा चुकी है, इस पोस्ट को पढने के लिए यहाँ क्लिक करें l  

तैयारियों के साथ ही एक उचित और सम्पूर्ण यात्रा कार्यक्रम बनाना भी बहुत जरुरी है l अब मैं लद्दाख़ प्रांत को घुमने के लिए सबसे उचित यात्रा कार्यक्रम आप सबसे साझा करना चाहता हूँ l अब चूँकि पुरे भारत के विभिन्न इलाकों से लोग ये यात्रा करते है इसीलिए ये यात्रा कार्यक्रम सड़क मार्ग द्वारा दिल्ली से चालु हो कर दिल्ली ही ख़त्म होगा l इस यात्रा कार्यक्रम मे आप अपने हिसाब से कुछ परिवर्तन कर सकते है l

सड़क मार्ग द्वारा लेह पहुँचने के भी दो रास्ते है - पहला मार्ग हैं मनाली, केलोंग, सरचू होते हुए लेह तथा दूसरा मार्ग हैं जम्मू, श्रीनगर, सोनमर्ग, कारगिल होते हुए लेह l अनुभवी लोग सलाह देते हैं कि अगर आप प्रथम बार इस यात्रा पर जा रहे हैं तो आपको जम्मू-कारगिल वाला मार्ग लेना चाहिए क्योंकि इस मार्ग पर लेह तक ऊँचाई धीरे धीरे बढती हैं और आप के शरीर को कम ऑक्सीजन के लिए अभ्यस्त होने का समय मिल जाता हैं l ये यात्रा कार्यक्रम इन दोनों राजमार्गों का उपयोग करता है सो आप सम्पूर्ण लद्दाख़ का सर्किट पूरा कर सकें l

Day 1 : दिल्ली – जम्मू
  • दिल्ली से जम्मू दूरी लगभग 590 किलोमीटर है और इसमें आपको लगभग 11-12 घंटे लगेंगे l  
  • रास्ते मे आप पंजाब के खाने विशिष्ट रूप से मुरथल के प्रसिद्ध पराठों का आनंद भी उठा सकते है l
  • जम्मू काफी बड़ा शहर है और रुकने के लिए यहाँ आपको काफी अच्छे होटल मिल जाएँगे l
  • आप चाहें तो जम्मू से आगे पत्नीटोप भी रुक सकते है जो की काफी खुबसूरत और शांत हिल स्टेशन है l जम्मू से पत्निटोप लगभग 65 किलोमीटर है और आपको जम्मू से यहाँ पहुँचने मे लगभग डेढ़ घंटा और लग जाएगा l

Day 2 : जम्मू – श्रीनगर
  • जम्मू से श्रीनगर की दूरी लगभग 268 किलोमीटर है और इसमें आपको लगभग 9-10 घंटे लगेंगे l  
  • सुबह जितना जल्दी हो निकले सो आप श्रीनगर शाम होने से पहले पहुँच जाए l श्रीनगर पहुँच कर आप डल झील मे शिकारा का आनंद उठा सकते है l 
  • हो सके तो डल झील स्तिथ हाउसबोट मे रुकें और कश्मीरी खाने का आनंद उठाये l 

Day 3 : श्रीनगर – कारगिल
  • श्रीनगर से कारगिल की दूरी लगभग 202 किलोमीटर है और इसमें आपको लगभग 8-9 घंटे लगेंगे l
  • रास्ते मे कुछ देर बेहद खुबसूरत सोनमर्ग मे रुके और प्रकृति की गोद मे बैठ कर नाश्ता करें l
  • सोनमर्ग के बाद पड़ता है जोज़िला पास जो की आज की यात्रा का मुख्य आकर्षण है l
  • द्रास स्तिथ कारगिल वार मेमोरियल पर जरुर रुकें और कारगिल युद्ध के दौरान हुए शहीदों को अपनी श्रधांजलि अर्पित करें l कारगिल वार मेमोरियल पर आपको लगभग एक घंटा लग जाएगा l
  • कारगिल मे रुकने के लिए कई होटल है, रात कारगिल मे ही गुजारें l

Day 4 : कारगिल – लेह
  • कारगिल से लेह की दूरी लगभग 217 किलोमीटर है और आज आपको लगेंगे लगभग 8-9 घंटे l
  • कारगिल से लगभग 100 किलोमीटर स्तिथ लामायुरु जरुर रुकें और यहाँ आप अपना दोपहर का खाना खा सकते है l इसे मूनलैंड भी कहा जाता है, लामायुरु मे आप लामायुरु मोनेस्ट्री भी देख सकते है l
  • निम्मो से कुछ ही आगे इंडस नदी और ज़न्स्कार नदी का संगम (Confluence of rivers) बहुत ही अद्भुत नज़ारा है, यहाँ नदी किनारे आप कुछ देर बैठ सकते है l
  • संगम से आगे मेग्नटिक हिल है, जहाँ आप दृष्टि भ्रम का अनुभव कर सकते है l मेग्नेटिक हिल कारगिल-लेह हाईवे पर स्थित सड़क का एक छोटा सा हिस्सा हैं और माना जाता है कि सड़क के इस हिस्से पर अगर आप अपना बंद वाहन खड़ा करें तो वाहन स्वत: ही सड़क पर चलने लगता हैं परन्तु वास्तव मे ये एक ऑप्टिकल इलूजन है l
  • इसी हाईवे पर स्तिथ लेह से पहले गुरुद्वारा श्री पत्थरसाहिब रुकें और चाहे तो आप वहाँ लंगर का आनंद भी ले सकते है l
  • लेह मे रुकने के लिए कई होटल है जहाँ आप अपने बजट के हिसाब से रुक सकते है l

Day 5 : लेह शहर और इनर लाइन परमिट
  • आज आप लेह शहर ही घुमे और आराम करें l
  • शहर स्तिथ टूरिस्ट इनफार्मेशन सेंटर या DC ऑफिस पर जाकर लद्दाख़ प्रांत के अंदरूनी इलाकों मे घुमने के लिए इनर लाइन परमिट प्राप्त कर ले l
  • लेह शहर का मुख्य बाज़ार, शान्ति स्तूप इत्यादि घूम ले l
  • खरीदारी करें और कश्मीरी खाने का आनंद उठाये l

Day 6 : लेह – पंगोंग लेक
  • लेह से पंगोंग लेक की दूरी लगभग 170 किलोमीटर है और इसमें लगभग 8-9 घंटे लग जाएँगे l
  • चाँगला कैफ़े और चाँगला पास पर कुछ देर रुक कर आनंद उठाये l
  • चाँगला पास से आगे और पंगोंग से पहले कुछ जगह बेहद खुबसूरत है जहाँ कुछ फिल्मों की शूटिंग भी हुई है, इन जगहों का भी आनंद उठाये l
  • अपनी यात्रा लेह से इस तरह से शुरू करें की आप पंगोंग लेक पर लगभग चार बजे तक पहुँच जाए तभी आप इस लेक का आनंद उठा पाएंगे l
  • पंगोंग लेक पर रुकने की कोई समस्या नहीं है और वहाँ पर रुकने के लिए काफी संख्या मे टेंट उपलब्ध है जो की स्पन्ग्मिक तक मिल जाएँगे l हो सके तो लेक को देखता हुआ टेंट लें l
  • रात मे टेंट से निकल कर पंगोंग लेक और आकाश को देखना ना भूलें l इतने तारें आपने कभी नहीं देखें होंगे l
  
Day 7 : पंगोंग लेक – लेह
  • सुबह जल्दी उठ कर पंगोंग लेक पर होने वाले सूर्योदय का आनंद उठाये l
  • नाश्ता करके लेह की ओर निकले और रास्ते मे पड़ने वाले शे पैलेस, थिकसे मोनेस्ट्री का आनंद उठाये l
  • लेह मे अपने होटल पहुँच कर आराम करें l

Day 8 : लेह – खार्दुन्गला पास – नुब्रा वैली
  • लेह से नुब्रा वैली वाया खार्दुन्गला पास की दूरी लगभग 135 किलोमीटर है और इसमें लगभग 7-8 घंटे लगते है l
  • कुछ देर खार्दुन्गला पास का आनंद उठाये, जिसे दुनिया की सबसे ऊँची सड़क कहा जाता है l
  • दिस्कित स्तिथ खुबसुरत दिस्कित मोनेस्ट्री जरुर घूमें, यहाँ पर मेत्रेय बुद्ध भगवान् की बहुत ऊँची मूर्ति है l दिस्कित मोनेस्ट्री से चारों ओर दिखने वाले नज़ारे बहुत ही खुबसूरत है l
  • हंडर मे रेत के धोरे (sand dunes) है और यहाँ आप ऊँट की सवारी का आनंद भी उठा सकते है l
  • हंडर मे रुकने के लिए काफी विकल्प है और यहाँ आप टेंट मे भी रुक सकते है l

Day 9 : नुब्रा वैली/हंडर – पनामिक – लेह
  • हंडर से लेह वाया पनामिक की दूरी लगभग 215 किलोमीटर है और इसमें लगभग 8-9 घंटे लग जाएँगे l
  • हंडर से निकल कर सुमुर होते हुए पनामिक तक जा सकते है l सुमुर मे सुमुर मोनेस्ट्री देखी जा सकती है l
  • पनामिक मे गर्म पानी का प्राकर्तिक स्त्रोत है और वहाँ पर आप इस पानी से नहाने का आनंद उठा सकते है l
  • पनामिक से दुबारा खार्दुन्गला पास होते हुए आप लेह पहुँच सकते है l

Day 10 : लेह
  • आज आप लेह ही रूककर थोडा आराम कर लें l
  • अगर आपने लेह नहीं घुमा तो घूम ले जैसे शान्ति स्तूप, शाम वैली, बस्गो पैलेस, संगम, गुरुद्वारा श्री पत्थर साहिब इत्यादि l
  • लेह के मुख्य बाज़ार मे खरीदारी भी कर सकते है जैसे पश्मीना से बने गर्म कपडे, ड्राई फ्रूट्स इत्यादि l
  • स्थानीय संस्कृतिऔर खाने का आनंद उठाये l

Day 11 : लेह – पांग/सरचू
  • लेह से पांग की दूरी है लगभग 180 किलोमीटर और सरचू की लगभग 250 किलोमीटर l
  • पांग तक लगेंगे लगभग 8-9 घंटे और सरचू तक लगभग 10-11 घंटे l
  • लेह से सुबह जल्दी निकले सो आप सरचू पहुँच सकें क्योंकि सरचू मे रुकने के लिए पांग की तुलना मे बेहतर विकल्प होते है l
  • रास्ते मे पड़ने वाले मूरे प्लेन और तंगलांग-ला पास का आनंद उठाये l
  • रात मे पांग या सरचू रुक जाए l सरचू मे काफी संख्या मे टेंट उपलब्ध होते है l

Day 12 : पांग/सरचू – मनाली
  • सरचू से मनाली की दूरी है लगभग 220 किलोमीटर और इसमें लगभग 11-12 घंटे का समय लगेगा l
  • सरचू से सुबह जितना जल्दी हों निकल जाए क्योंकि रोहतांग पास से मनाली के बीच बहुत यातायात मिलेगा l
  • आप जिंग जिंग बार रुक कर कुछ खा पी सकते है l
  • रास्ते मे पड़ने वाले बारालाछा ला पास,रोहतांग पास, सूरज ताल और दीपक ताल पर रुक कर आनंद उठाये l
  • हालाँकि मनाली मे रुकने के लिए एक से एक होटल है पर हो सके तो ओल्ड मनाली मे रुकें l

Day 13 : मनाली – दिल्ली
  • मनाली से दिल्ली की दूरी है लगभग 550 किलोमीटर और इसमें लगभग 13-14 घंटे का समय लगेगा l

वैकल्पिक रास्ता - पंगोंग लेक से नुब्रा वैली वाया श्योक-आगम
  • उपरोक्त यात्रा कार्यक्रम मे Day 7 को आप पंगोंग लेक से नुब्रा वैली सीधे भी जा सकते है l 
  • ये रास्ता श्योक गाँव होते हुए जाता है और बेहद खुबसूरत है लेकिन ये रास्ता हमेशा खुला नहीं रहता है l 
  • जब भी आप अपनी यात्रा की योजना बनाये पता कर ले की क्या ये रास्ता खुला हुआ है l अगर ये रास्ता खुला हों तो आपको जरुर इसी रास्ते का उपयोग करना चाहिए क्योंकि आप एक बिलकुल नए और खुबसूरत रास्ते को तो देख ही पाएंगे और साथ मे आपका एक दिन और बच जाएगा l  
  • पंगोंग लेक से नुब्रा वैली वाया श्योक मे आपको लगभग 8-9 घंटे लग जाएँगे l

अन्य जानकारी
  • उपरोक्त यात्रा कार्यक्रम लगभग दो सप्ताह का है जिसमे एक दिन अतिरिक्त रखा गया है क्योंकि इस प्रांत मे कई बार रास्ते बंद हों जाते है l
  • इस यात्रा कार्यक्रम मे हम पहले पंगोंग लेक गए है और फिर नुब्रा वैली l आप अगर चाहें तो पहले नुब्रा वैली और फिर उसके बाद पंगोंग लेक जा सकते है l
  • आप चाहें तो नुब्रा वैली मे स्तिथ सबसे आखिरी छोटे से गाँव तुर्तुक तक भी जा सकते है और वहाँ एक रात रूककर आ सकते है l 
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